
स्कूल एवं कॉलेज विज़िट
कैंपस से आश्रम
एक दोपहर, जो मूल्य-शिक्षा के किसी भी व्याख्यान से ज़्यादा सिखा देती है।
विद्यार्थी यह सोचकर आते हैं कि उन्हें किसी पर तरस आएगा। लौटते वे कुछ सीखकर हैं — कोई खेल ठीक से कैसे खेलें, 1960 का इंदौर कैसा दिखता था, एक आदमी घर से क्यों निकला और वापस कैसे पहुँचा। उस दोपहर की दिशा विद्यार्थियों से ज़्यादा शिक्षकों को चौंकाती है।
ट्रस्ट विज़िट को इस हिसाब से बनाता है कि आपका समूह असल में क्या कर सकता है। बीस से चालीस का बैच सबसे अच्छा रहता है; इससे ज़्यादा होने पर यह बातचीत नहीं, भ्रमण बन जाता है।
भाग लेने वाले हर विद्यार्थी को प्रमाणपत्र मिलता है, और संस्था को एक पत्र, जिसमें एनएसएस या सामुदायिक सेवा फ़ाइल के लिए आउटरीच घंटे दर्ज होते हैं।
- सबसे उपयुक्त समूह
- 20 – 40
- हर विद्यार्थी को
- प्रमाणपत्र
- संस्था को
- आउटरीच घंटों का पत्र
- शुल्क
- कोई नहीं
विज़िट में क्या-क्या हो सकता है
चारों नहीं, दो या तीन चुनिए। एक चीज़ पर ठीक से बिताया गया एक घंटा, चार जल्दबाज़ी वाले घंटों से बेहतर है।
किस्सागोई — कहानियाँ और जीवन सीख
बुज़ुर्ग अपनी कहानियाँ सुनाते हैं और विद्यार्थी सुनते हैं। यही हिस्सा कोई योजना में नहीं रखता और सबको याद रह जाता है।
डिजिटल साथी
विद्यार्थी बुज़ुर्गों को स्मार्टफ़ोन सिखाते हैं — वीडियो कॉल, व्हाट्सएप, तस्वीरें, बैंक ऐप। वही एक हुनर जो युवा सिखा सकते हैं और बुज़ुर्ग सचमुच सीखना चाहते हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुति
गायन, कविता, नृत्य या छोटा नाटक। पहले से तैयार करके हॉल में प्रस्तुत कीजिए।
आश्रम सेवा
भोजन परोसना, बगीचे की सफ़ाई, रसोई में हाथ बँटाना। सिर्फ़ उपस्थिति नहीं, हाथ भी।
एक नमूना दोपहर
दो घंटे की विज़िट लगभग ऐसी दिखती है। ट्रस्ट इसे आपके समूह के हिसाब से बदल देगा — यह यहाँ इसलिए है ताकि शिक्षक योजना बना सकें।
- 0:00
पहुँचना
बैग रखिए, जगह की जानकारी लीजिए, और विद्यार्थियों को एक झुंड में छोड़ने के बजाय बुज़ुर्गों के साथ जोड़ा जाता है।
- 0:15
किस्सागोई
बुज़ुर्ग बोलते हैं, विद्यार्थी सुनते और पूछते हैं। बच्चों को पहले बता दीजिए कि उनसे भी सवाल पूछे जाएँगे।
- 1:00
डिजिटल साथी
एक विद्यार्थी, एक फ़ोन, एक बुज़ुर्ग। वीडियो कॉल और तस्वीरें ही सबसे ज़्यादा माँगी जाती हैं।
- 1:30
प्रस्तुति
जो भी आपके समूह ने तैयार किया हो। लंबा होने से छोटा होना बेहतर है।
- 1:50
चाय और प्रमाणपत्र
साथ बैठकर, गेट पर पकड़ाकर नहीं।
विज़िट तय कीजिए
स्कूल और कॉलेज के लिए: एनएसएस, सामुदायिक सेवा और मूल्य-शिक्षा हेतु दशरथ सेवाश्रम की सुनियोजित विज़िट।
यह फ़ॉर्म कुछ भी सुरक्षित नहीं रखता। यह आपका अपना ईमेल ऐप या व्हाट्सएप खोलता है, संदेश तैयार करके — ताकि आपकी जानकारी सीधे ट्रस्ट तक जाए, और कहीं नहीं।
