
उन बुज़ुर्गों के लिए शुरू की गई सेवा जो अपने बच्चों से अलग रहते हैं और अब ख़ुद खाना नहीं बना सकते।
ट्रस्ट स्वच्छ, पौष्टिक भोजन बनाकर घर तक निःशुल्क पहुँचाता है। फ़िलहाल इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में 60 वर्ष से ऊपर के ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों को यह सेवा मिलती है।
यह सेवा तभी पहुँचती है जब किसी की जानकारी मिले। अगर आपके आसपास ऐसे बुज़ुर्ग हैं, तो उनका नाम और पता ट्रस्ट को भेज दीजिए — बस इतनी ही प्रक्रिया है।
इस सेवा में सहयोग
तीन काम जो आज मदद करेंगे
यह सेवा इसी पर चलती है कि किसे ज़रूरत है, यह किसी ने बताया हो। यही सबसे उपयोगी योगदान है।
किसी के बारे में बताइए
आपके आसपास कोई बुज़ुर्ग अकेले रहते हों और ठीक से खा न पा रहे हों, तो उनका नाम और मोहल्ला ट्रस्ट को भेज दीजिए। पूरी प्रक्रिया इतनी ही है।
टिफ़िन का सहयोग कीजिए
रसोई रोज़ बनती और पहुँचती है। कार्यालय से पूछिए कि एक सप्ताह के टिफ़िन में कितना लगता है।
एक राउंड पहुँचाइए
भोजन घर तक पहुँचाना होता है। दुपहिया और दोपहर का एक घंटा हो, तो वही एक डिलीवरी राउंड है।
इनमें से कुछ भी इस वेबसाइट पर नहीं चुकाया जाता। हर रास्ता एक फ़ोन से शुरू होता है — क्योंकि ये लेन-देन नहीं, बातचीत हैं, और क्योंकि ट्रस्ट कार्ड नंबर लेने से पहले यह जानना चाहेगा कि आप क्या दे रहे हैं।



